
📘 Introduction
जब दुनिया हर मोड़ पर उम्र और समय का ताना देती है — “30 के बाद पढ़ाई का क्या फायदा?” या “रिटायरमेंट के बाद तो बस आराम ही है” — तब Jaipur के Tarachand Agarwal sir ने उस सोच को हिला कर रख दिया। 71 साल की उम्र में बिना किसी कोचिंग या इंस्टिट्यूट की मदद के उन्होंने CA Final क्लियर किया। सिर्फ dedication और भगवद गीता के ज्ञान से उन्होंने वो कर दिखाया जो लोग सपनों तक में सोचते हैं। ऐसे लोग सच में legends कहलाते हैं।
👨🏫 कौन हैं Tarachand Agarwal?
- Retired bank manager, लेकिन दिल में अब भी सीखने की आग थी।
- Fame या show-off के लिए नहीं — बस अपनी growth और passion के लिए पढ़ाई शुरू की।
- रोज़ाना करीब 10 घंटे self-study करते रहे।
- Coaching को पूरी तरह avoid किया और खुद पर भरोसा रखा।
- परिवार का emotional सपोर्ट और गीता का spiritual guidance उनके सबसे बड़े सहारे बने।
🎯 CA Final तक का सफर
- रिटायरमेंट के बाद एक clear action लिया — कोई बहाना नहीं, सिर्फ काम।
- Daily routine में पढ़ाई और आराम का बैलेंस रखा लेकिन commitment कभी कम नहीं हुआ।
- Coaching नहीं ली, सिर्फ एक मंत्र — “खुद पर भरोसा रखो”।
- परिवार हमेशा साथ खड़ा रहा — मुश्किल वक्त में भी संभाला और motivate किया।
💡 Takeaway: क्यों है ये कहानी इतनी खास?
- ये साबित करती है कि उम्र सिर्फ एक नंबर है, असली ताकत तो mindset में होती है।
- Tarachand sir ने दिखाया कि अगर इरादा पक्का हो, तो कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
- Jaipur जैसे शहरों में ऐसे unsung heroes की कहानियाँ देशभर के लोगों को प्रेरणा देती हैं।